पैसा खर्च करें और बचाएं INCOME TAX- Part-4 (Last)

No comments
होम लोन का पुनर्भुगतान
होम लोन के पुनर्भुगतान में दो तत्‍व होते हैं- पहला मूलधन का भुगतान और दूसरा ब्याज का भुगतान। मूलधन का भुगतान आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत आता है जिसकी अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपए है। दूसरी तरफ, ब्याज के भुगतान पर धारा 24 के तहत छूट मिलती है। जिस घर में आप रहते हैं उसके मामले में इसकी अधिकतम सीमा 2 लाख रुपए है। हालांकि, अगर आप उस घर के होम लोन के ब्याज का भुगतान कर रहे हैं जिसमें आप नहीं रहते हैं तो छूट प्राप्‍त करने की कोई सीमा नहीं है। इस प्रकार आप होम लोन के पुनर्भुगतान पर अधिकतम 3.5 लाख रुपए तक का लाभ आयकर में पा सकते हैं। गौर करने वाली बात है कि अगर कोई व्‍यक्ति नौकरी या अपने पेशे की वजह से होम लोन से खरीदे घर में नहीं रहता है तो उसे ब्याज के भुगतान पर अधिकतम 2 लाख रुपए का ही फायदा होगा।

घर का किराया
अगर आपकी कंपनी आपको एचआरए या हाउसिंग फायदे नहीं देती है तो आप धारा 80जीजी के तहत इसका फायदा ले सकते हैं। यह अपना व्यवसाय करने वाले लोगों पर भी लागू होता है। धारा 80 जीजी के इन तीन नियमों के तहत आप सबसे कम कटौती वाले विकल्प के तहत ही क्लेम कर पाएंगे। मकान का किराया आपकी आय के 10 प्रतिशत से अधिक हो, 2000 रुपए प्रति माह या आपकी कुल आय का 25 प्रतिशत।

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 80जीजी के तहत आयकर का लाभ पाने के लिए जरूरी है कि आप निम्नलिखित शर्तों को पूरा करते हों:

आप जहां रहते हैं या नौकरी करते हैं या कारोबार करते हैं, वहां आपका कोई घर नहीं हो। वहां आपकी पत्‍‌नी, बच्चे या आपके हिंदू अविभाजित परिवार की कोई आवासीय प्रॉपर्टी नहीं होनी चाहिए। आपको फॉर्म नंबर 10बीए के जरिए यह घोषित करना होगा कि आपने किराए का भुगतान किया है और आप आयकर में लाभ प्राप्‍त करने की शर्तें पूरी करते हैं। अगर आप वेतनभोगी हैं और आपको एचआरए नहीं मिलता अगर आपका घर किसी दूसरे शहर में है और उसे किराए पर देने की बजाए खुद ही उसका इस्‍तेमाल कर रहे हैं तो आपको धारा 80जीजी के तहत आयकर का लाभ नहीं मिलेगा, भले ही आप किराए पर क्‍यों न रह रहे हों।

विशेष बीमारियों के इलाज पर खर्च
धारा 80 डीडीबी के तहत आप डिमेंशिया, पार्किंसन डिसीज, क्रॉनिक रेनल फेल्योर, खतरनाक कैंसर आदि जैसी बीमारियों के इलाज पर होने वाले खर्च में 50,000 रुपए की छूट पा सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों के इलाज के मामले में यह छूट बढ़कर 80,000 रुपए हो जाती है। अक्षमता स्तर के 40 प्रतिशत से अधिक होने पर ही कोई व्यक्ति धारा 80 डीडीबी के तहत छूट का हकदार होगा।

घातक कैंसर, एड्स, गुर्दों के काम करना बंद कर देने, थैलीसिमिया और हिमोफिलिया जैसी गंभीर बीमारियां भी इसमें कवर होती हैं। अगर आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी है तो आप सिर्फ उतनी ही राशि में कटौती के दावेदार होंगे, जिसकी क्षतिपूर्ति आपकी बीमा कंपनी द्वारा नहीं की गई हो।


 For More Tips Keep Visiting us at www.gauravkansal.com 

Dont Forget to Subscribe for free Email Subscription 

No comments :

Post a Comment