रिटर्न फाइल में दूसरी इनकम को भी करें शामिल, नहीं होगी कोई समस्या

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रिटर्न फाइल में दूसरी इनकम को भी करें शामिल, नहीं होगी कोई समस्या 

इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 अगस्‍त है। आपने अपना रिटर्न भर लिया होगा या भरने की तैयारी कर रहे होंगे। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसी इनकम के बारे में जो टैक्सेबल तो होती हैं लेकिन हम इन्हें अपने आयकर रिटर्न में शामिल करना भूल जाते हैं। इससे यह रिटर्न भरना बाकी रह जाता है। अगर आप रिटर्न फाइल कर चुके हैं तो भी इन आय को दोबारा शामि‍ल कर सकते हैं।
नाबालिग बच्‍चों के नाम पर कि‍ए निवेश से हुई आय
इनकम टैक्‍स की नियमों के मुताबिक, नाबालिग बच्‍चों के नाम से किए हुए निवेश से प्राप्‍त आय को माता या पिता के आय में जोड़ा जाता है। अगर आपके बच्‍चों को उपहार मिला है और आप उसे बैंक में जमा करवाते हैं (एफडी) तो इस निवेश से होने वाली आय को आपकी आय में जोड़ दिया जाता है। इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते समय यह सुनिश्चत कर लें की बच्‍चों के नाम पर किए निवेश से होने वाली आमदनी को आपने शामिल किया है ताकि आपका रिटर्न नियमों के हि‍साब से फाइल हो सके। 
म्युचुअल फंड स्विच से होने वाली आय
ज्‍यादातर लोग म्युचुअल फंड में निवेश करते हैं और जब उस फंड का प्रदर्शन अच्‍छा नहीं रहता है तो उसी फंड कंपनी से दूसरे फंड में स्विच कर लेते हैं। एक स्कीम से दूसरे में किया जाने वाला यह शिफ्ट आपके बैंक खाते के जरिए नहीं होता है और इसलिए चार्टर्ड एकाउंटेंट को भी इसकी जानकारी नहीं होती है। हो सकता है कि फंडों का यह स्विच आपने एक साल से कम समय में या एक साल के बाद किया हो और इस पर आपको कैपिटल गेन प्राप्‍त हुआ हो। अगर, आपको कैपिटल गेन मिलता है तो अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट को फंडों के ऐसे स्विच के बारे में जानकारी दें ताकि वह इसे आपकी आय में शामिल कर सकें और इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते वक्‍त आप इसे आय के ब्‍योरे में शामि‍ल करें।
एफडी और सेविंग अकाउंट से मिलने वाला ब्‍याज
रिटर्न भरते समय ऐसे कई इनकम होती हैं जो छूट जाती हैं जैसे फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट और सेविंग खाते पर मिलने वाला ब्याज। मौजूदा नियमों के मुताबिक, सेविंग अकाउंट पर मिलने वाले 10,000 रुपए तक के सालाना ब्याज पर आप छूट प्राप्‍त कर सकते है। अगर आपको एफडी और सेविंग खाता पर मिलने वाला ब्याज 10,000 रुपए से अधिक है तो इसको रिटर्न भरते समय दर्शाना न भूलें। अगर एफडी पर टीडीएस काटा गया है तब भी इसे आय में शामिल करना चाहिए और टीडीएस के लिए क्लेम करना चाहिए।
गिफ्ट या अन्‍य स्रोतों से लाभ
अगर आप ख्‍ुाद का बिजनेस करते हैं या किसी बड़े ओहदे पर काम कर रहे हैं तो आपको विभिन्‍न तरह के उपहार मिलते होंगे। इन उपहारों में मूल्यवान वस्‍तुएं या पेड हॉलिडे हो सकती है। इसे इनकम के तौर पर माना जाता है और इस पर टैक्‍स लगाया जाता है। अगर आपको इस तरह का उपहार मिला है तो अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट को इसके बारे में बताएं और रिटर्न भरते समय इसे भी शामिल करें।
एक से अधिक प्रॉपर्टी से होने वाली आय
एक से अधिक प्रॉपर्टी से होने वाली आय को टैक्सेबल इनकम माना जाता है। अगर आपके पास एक से ज्‍यादा प्रॉपर्टी हैं और उनहें कोई आय नहीं हो रही है (उसे रेंट पर नहीं दि‍या गया है) तो भी उसे टैक्‍स के दायरे में शामि‍ल कि‍या जाएगा। इस प्रॉपर्टी के अनुमानित किराया पर टैक्‍स लगाने का प्रावधान है। इनकम टैक्‍स भरते समय चार्टर्ड एकाउंटेंट से मिल कर यह सुनिश्चत करना चाहिए कि दूसरे प्रॉपर्टी को आपने रिटर्न भरते वक्‍त सही तरीके से शामिल किया है या नहीं।

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